अस्तेय-व्रत/astey-vrat

शब्द का अर्थ खोजें

शब्द का अर्थ

अस्तेय-व्रत  : पुं० [ष० त०] आवश्यकता से अधिक वस्तुएँ अपने पास न रखना या उनका उपयोग न करने का व्रत जो यह समझाकर धारण किया जाता है कि आवश्यकता से अधिक संग्रह करना भी एक प्रकार की चोरी है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
लौटें            मुख पृष्ठ