ओड़ना/odana

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ओड़ना  : स० [हिं० ओट] १. आघात या प्रहार रोकने या सहने के लिए बीच में कोई आड़ या ओट खड़ी करना या कोई चीज आगे बढ़ाना। उदाहरण—(क) एक कुसल अति ओड़न खाँड़े।—तुलसी। (ख) ओड़ि अहिं हाथ असिनहु के घाए।—तुलसी। २. कुछ माँगने या लेने के लिए झोली, कपड़े का पल्ला या हाथ बढ़ाना या फैलाना। उदाहरण—तजि रघुनाथ हाथ और काहि ओड़िए।—तुलसी। ३. दे० ‘ओढ़ना’। स० [हिं० ओड़] गधे, बैल आदि पर माल लादकर एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
ओड़ना  : स० [हिं० ओट] १. आघात या प्रहार रोकने या सहने के लिए बीच में कोई आड़ या ओट खड़ी करना या कोई चीज आगे बढ़ाना। उदाहरण—(क) एक कुसल अति ओड़न खाँड़े।—तुलसी। (ख) ओड़ि अहिं हाथ असिनहु के घाए।—तुलसी। २. कुछ माँगने या लेने के लिए झोली, कपड़े का पल्ला या हाथ बढ़ाना या फैलाना। उदाहरण—तजि रघुनाथ हाथ और काहि ओड़िए।—तुलसी। ३. दे० ‘ओढ़ना’। स० [हिं० ओड़] गधे, बैल आदि पर माल लादकर एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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