कर-संपुट/kar-samput

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कर-संपुट  : पुं० [ष० त०] १. हथेली की अंजलि। २. विनती के समय किसी के आगे हाथ जोड़ने की मुद्रा। उदा०—सिर नाइ देव मनाइ सब सन कहत कर-संपुट किये।—तुलसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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