गरमी/garamee

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गरमी  : स्त्री० [फा०] १. गरम होने की अवस्था, गुण या भाव। जैसे–आग या धूप की गरमी। २. वर्षा से पहले या बसंत के बाद की ऋतु। ग्रीष्म काल। जेठ-असाढ़ के दिन। जैसे–इस साल गरमी में पहाड़ पर जाने का विचार है। ३. किसी प्रकार का मानसिक आवेग या उमंग। जोश। मुहावरा–(अपनी) गरमी निकालना=मैथुन या संभोग करना। (बाजारू)। (किसी की) गरमी निकालना=ऐसा कार्य करना जिससे किसी का आवेग या क्रोध सदा के लिए अथवा कुछ दिनों के लिए दूर होकर मंद या शांत पड़ जाए। ५. दृष्ट मैथुन से जननेंद्रिय में होने वाला एक भीषण रोग। आतशक या फिरंग रोग। (सिफलिस) ६. घोड़ो और हाथियों को होनेवाला एक प्रकार का रोग। ७. दे० ‘ताप’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
गरमीदाना  : पुं० [हिं० गरमी+दाना] अधिक गरमी पड़ने के कारण शरीर पर निकलनेवाले छोटे-छोटे लाल दाने। अँभौरी। पित्ती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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