गृह्य-कर्म(न्)/grhy-karm(n)

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गृह्य-कर्म(न्)  : पुं० [कर्म० स०] हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार वे सब कर्म जो प्रत्येक गृहस्थ के लिए आवश्यक कर्त्तव्य के रूप में बतलाये गये हैं। जैसे–अग्निहोत्र, बलि, १६ संस्कार आदि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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