चौथी/chauthee

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चौथी  : स्त्री० [हिं० चौथा] १. हिन्दुओं में विवाह के चौथे दिन होनेवाला एक रसम जिसमें वर और कन्या के हाथ के कंगन खोले जाते हैं। पद–चौथी का जोड़ा=वस्त्रों का वह कुलक जो वर के घर से कन्या के लिए चौथी के दिन आता है। मुहावरा चौथी के दिन दुल्हा-दलहिन का एक दूसरे के ऊपर मेवे, फल आदि फेंकना। चौथी छूटनाचौथी के दिन वर-कन्या के हाथों के कंगन खुलना। २. फसल का चौथाई अंश जो पहले जमींदार को मिला करता था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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