डाँट/daant

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डाट  : स्त्री० [सं० दान्ति] १. दीवार या ऐसी ही किसी और चीज को गिरने से बचाने या रोकने के लिए सामने या बेड़े बल में लगाई जानेवाली चाँड़ या रोक। २. किसी चीज का छेद या मुँह बन्द करने के लिए उसमें कसकर जमाई, बैठाई या लगाई जानेवाली वस्तु। ३. वह ईंट या पत्थर जो मेहराब के बीचों-बीच दोनों ओर की ईटों आदि को यथा स्थान दृढ़तापूर्वक जमाये रखने के लिए लगाया जाता है। क्रि० प्र०–बैठाना।–लगाना। ४. मेहराब बनाने का वह प्रकार जिसमें दोनों ओर अर्ध-गोलाकार रूप में ईंटे जोड़ी या बैठाई जाती हैं। स्त्री० दे० ‘डाँट’।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
डाटना  : स० [हिं० डाट+ना (प्रत्यय)] १. दीवार आदि को गिरने से रोकने के लिए उसमें डाट लगाना। टेक लगाना। २. किसी चीज का छेद या मुँह डाट लगाकर बंद करना। ३. एक वस्तु के साथ दूसरी वस्तु अच्छी तरह जमाकर बैठाना या स्थिर करना। जैसे–किसी की ओर निगाह डाटना। ४. कोई चीज अंदर घुसाने या धँसाने के लिए उस पर भरपूर दबाव डालना। ५. कसकर ठूसना, दबाना या भरना। ६. खूब अच्छी तरह पेट भरकर कोई चीज खाना। (व्यंग्य) ७. ठाठ से या शान दिखलाने के लिए कपड़े, गहने आदि पहनना जैसे–अँगरखा या अँगूठी डाटना। (व्यंग्य) अ० १. डटकर सामने बैठना। २. ठाठ या वेष बनाना। स० दे० ‘डाँटना’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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