दोस/dos

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शब्द का अर्थ

दोस  : पुं०=दोष।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
दोसदार  : पुं०=दोस्तदार (मित्र)।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
दोसदारी  : स्त्री०=दोस्ती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
दोसरता  : पुं० [हिं० दूसरा+ता (प्रत्य०)] द्विरागमन। गौना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) पुं०=दुजायगी। (भेद-भाव)(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
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दोसरा  : वि० [स्त्री० दोसरी]=दूसरा।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
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दोसरी  : स्त्री० [हिं० दो] दो बार जोती हुई जमीन।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
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दोसा  : पुं० [देश०] जल में होनेवाली एक तरह की घास जिसमें एक प्रकार के दाने अधिकता से होते हैं। पुं० [?] मदरास देश में बननेवाला एक प्रकार का पकवान जो उलटे या चीले की तरह होता है और जिसके अन्दर कुछ तरकारियाँ आदि भरी होती हैं। स्त्री०=दोषा (रात)।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
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दोसाध  : पुं०=दुसाध।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
दोसाल  : पुं० [?] एक तरह का हाथी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
दोसाला  : वि० [हिं० दो+साल=वर्ष] १. जिसकी अवस्था दो वर्ष की हो। २. जिसके दो वर्ष बीत चुके हों। ३. (विद्यार्थी) जो दो वर्षों तक प्रायः अनुत्तीर्ण होने के कारण एक ही कक्षा में रहे।
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दोसाही  : वि० [हिं० दो+?] (जमीन) जिसमें साल में दो फसलें पैदा हों। दो-फसला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
दोसी  : पुं० [देश०] दही।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) पुं०=घोसी।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) वि०=दोषी।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
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दोसूती  : स्त्री०=दुसूती।
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दोस्त  : पुं० [फा०] १. प्रायः समान अवस्था का तथा संग रहनेवाला वह व्यक्ति जिससे किसी का स्नेहपूर्ण संबंध हो। मित्र। २. वह जिससे किसी का अनुचित संबंध हो। (बाजारू)
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दोस्तदार  : पुं०=दोस्त
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
दोस्तदारी  : स्त्री०=दोस्ती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
दोस्ताना  : पुं० [फा० दोस्तानः] १. दोस्ती। मित्रता। २. मित्रता का आचरण या व्यवहार। वि० दोस्तों या मित्रों का-सा। दोस्तों या मित्रों की तरह का। जैसे—दोस्ताना बरताव।
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दोस्ती  : स्त्री० [फा०] १. दोस्त अर्थात मित्र होने की अवस्था या भाव। २. स्त्री और पुरुष का होनेवाला पारस्परिक अनुचित संबंध। (बाजारू)
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दोस्तीरोटी  : स्त्री० [फा० दोस्ती+हिं० रोटी] दो परतोंवाला एक तरह का पराठा जो लोइयाँ बेलकर और साथ मिलाकर बनाया जाता है। दुपड़ी।
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