पतन/patan

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पतन  : पुं० [सं०√पत्+ल्युट्—अन] १. ऊपर से नीचे आने या गिरने की क्रिया या भाव। २. नीचे घँसने या बैठने की क्रिया या भाव। ३. व्यक्ति का उच्च आदर्श, स्तुत्य आचरण आदि छोड़कर निन्दनीय और हीन आचरण या कार्य करने में प्रवृत्त होना। ४. जाति, राष्ट्र आदि का ऐसी स्थिति में आना कि उसकी प्रभुता और महत्ता नष्ट प्राय हो जाय। ५. मृत्यु। ६. पाप। पातक। ७. उड़ने की क्रिया या भाव। उड़ान। ८. किसी नक्षत्र का अक्षांश। वि० [√पत्+ल्यु—अन] १. गिरता हुआ या गिरनेवाला। २. उड़ता हुआ या उड़नेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
पतन-शील  : वि० [सं० ब० स०] [भाव० पतनशीलता] जिसका पतन हो रहा हो; अथवा जिसकी प्रवृत्ति पतन की ओर हो। गिरता हुआ या गिरनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
पतना  : पुं० [?] योनि का किनारा। अ० [सं० पतन] १. गिरना। २. पतन होना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) स०=पाथना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
पतनारा  : पुं० [?] नाबदान। पनाला। मोरी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
पतनीय  : वि० [सं०√पत्+अनीयर्] जिसका पतन होने को हो अथवा जिसका पतन होना संभावित या स्वाभाविक हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
पतनोन्मुख  : वि० [सं० स० त० पतन-उन्मुख] जो पतन की ओर उन्मुख हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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