परिचय/parichay

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परिचय  : पुं० [सं० परि√चि (इकट्ठा करना)+अच्] १. ऐसी स्थिति जिसमें दो व्यक्ति एक दूसरे को प्रायः प्रत्यक्ष भेंट के आधार पर जानते और पहचानते हों। जैसे—पंडित जी से मेरा परिचय रेल में हुआ था। २. किसी व्यक्ति के नाम-धाम या गुण-कर्म आदि से संबंध रखनेवाली सब या कुछ बातें जो किसी को बतलाई जायँ। जैसे—गोष्ठी में आये हुए कवि अपना परिचय स्वयं देंगे। ३. किसी विषय, रचना, साहित्य आदि का थोड़ा-बहुत अध्ययन करने पर उसके संबंध में होनेवाला ज्ञान। जैसे—बंगला साहित्य से उनका कुछ परिचय है। ४. गुण, धर्म शक्ति आदि जतलाने या प्रदर्शित करने की क्रिया या भाव। जैसे—उसने अपनी योग्यता या हठवादिता का खूब परिचय दिया। ५. हठ योग में, नाद की चार अवस्थाओं में से तीसरी अवस्था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
परिचय-पत्र  : पुं० [ष० त०] १. ऐसा पत्र जिसमें किसी का नाम, पता, ठिकाना, पद आदि लिखा होता है और जो किसी को किसी का परिचय देने के लिए दिया जाता है। २. किसी वस्तु अथवा संस्था विषयक वह पत्रक या पुस्तिका जिसमें उस वस्तु की सब बातों अथवा संस्था के उद्देश्यों, कार्य-क्षेत्रों और कार्य-प्रणालियों आदि का परिचय या विवरण दिया हो। (मेमोरैन्डम)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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