पुराकल्प/puraakalp

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पुराकल्प  : पुं० [कर्म० स०] १. पूर्व कल्प। पहले का कल्प। २. प्राचीन इतिहास युग। ३. एक प्रकार का अर्थवाद जिसमें प्राचीन काल का कहकर किसी विधि के करने की ओर प्रवृत्त किया जाय। जैसे—ब्राह्मणों ने इससे हविः पवमान सामस्तोम की स्तुति की थी। ४. आधुनिक भू० विज्ञान के अनुसार उत्तर पाँच कल्पों में से तीसरा कल्प, जिसमें पृथ्वी तल पर जगह-जगह छिछले समुद्र बनने लगे थे; खूब बाढ़े आती थीं, मछलियाँ सरीसृप और कीड़े-मकोड़े उत्पन्न होने लगे थे, और कुछ विशिष्ट प्रकार के बहुत बड़े-बड़े वृक्ष होते थे। यह कल्प प्रायः बीस से पचास करोड़ वर्ष पहले हुआ था। पुराजीवकाल। (पेलियो जोइक एरा) विशेष—शेष चार कल्प ये हैं—आदि कल्प, उत्तर कल्प, मध्य कल्प और नवकल्प।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
पुराकल्प  : पुं० [कर्म० स०] १. पूर्व कल्प। पहले का कल्प। २. प्राचीन इतिहास युग। ३. एक प्रकार का अर्थवाद जिसमें प्राचीन काल का कहकर किसी विधि के करने की ओर प्रवृत्त किया जाय। जैसे—ब्राह्मणों ने इससे हविः पवमान सामस्तोम की स्तुति की थी। ४. आधुनिक भू० विज्ञान के अनुसार उत्तर पाँच कल्पों में से तीसरा कल्प, जिसमें पृथ्वी तल पर जगह-जगह छिछले समुद्र बनने लगे थे; खूब बाढ़े आती थीं, मछलियाँ सरीसृप और कीड़े-मकोड़े उत्पन्न होने लगे थे, और कुछ विशिष्ट प्रकार के बहुत बड़े-बड़े वृक्ष होते थे। यह कल्प प्रायः बीस से पचास करोड़ वर्ष पहले हुआ था। पुराजीवकाल। (पेलियो जोइक एरा) विशेष—शेष चार कल्प ये हैं—आदि कल्प, उत्तर कल्प, मध्य कल्प और नवकल्प।
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