प्रतियोग/pratiyog

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प्रतियोग  : पुं० [सं० प्रति√युज् (जोड़ना)+घञ्] १. किसी चीज का विरोध पक्ष बनाना या तैयार करना। २. दो विरोधी तत्त्वों, पदार्थों आदि का होनेवाला मिश्रण या संयोग। ३. विरोधी तत्त्व या भाव। ४. किसी बात या मत का खण्डन। ५. किसी व्यक्ति का विरोधी। ६. वैर। शत्रुता। ७. किसी चीज, बात का परिणाम या प्रभाव नष्ट करनेवाला कार्य या तत्त्व। मारक। ८. एक बार विफल होने पर फिर से किया जानेवाला उद्योग या प्रयत्न।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
प्रतियोगिता  : स्त्री० [सं० प्रतियोगिन्+तल्—टाप्] १. वह स्थिति जिसमें कोई व्यक्ति किसी चीज को ठीक समय से प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील हों। २. दुश्मनी। शत्रुता। ३. किसी विशिष्ट उद्देश्य की सिद्धि या फल की प्राप्ति के लिए कुछ लोगों में आपस में होनेवाली चढ़ा-ऊफरी या होड़। मुकाबला। (कम्पीटीशन)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
प्रतियोगी (गिन्)  : पुं० [सं० प्रति√युज्+घिनुण्] १. उन कई व्यक्तियों में से हर एक जो किसी एक ही चीज को पाने के लिए किसी एक समय में समान रूप से प्रयत्नशील हों। प्रतियोगिता करनेवाला व्यक्ति। २. साझेदार। हिस्सेदार। ३. वह जो मुकाबला या सामना कर रहा हो। वैरी शत्रु। ४. विरोधी। ५. मददगार। सहायक। ६. संगी। साथी। ७. वह जो तुलना आदि के विचार से बराबरी का हो। जोड़ीदार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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