प्रस्फोट/prasphot

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शब्द का अर्थ

प्रस्फोट  : पुं० [सं०] अन्दर से फूटकर बाहर निकलने की क्रिया या भाव। (दे० ‘प्रस्फोटन’)
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प्रस्फोटक  : वि० [सं०] प्रस्फोट करने या फोड़नेवाला। पुं० किसी यंत्र का वह अंग या कोई ऐसा उपकरण जो स्फोटन करता हो। (डिटोनेटर)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
प्रस्फोटन  : पुं० [सं० प्र√स्फुट् (फूटना)+ल्युट्—अन] १. प्रस्फोट उत्पन्न करने की क्रिया या भाव। २. किसी वस्तु का इस प्रकार एक बारगी खुलना या फूटना कि उसके अन्दर के पदार्थ वेग से ऊपर या बाहर निकल पड़ें। ३. तोड़-फोडकर अन्दर की चीज निकालना। ऐसी क्रिया करना जिससे कोई चीज (जैसे—गैस या बारूद) जोर का शब्द करती हुई जलकर उड़े। (डिटोनेशन) ४. खिलना या खिलाना। ५. विकसित करना। ६. अन्न आदि फटकना। ७. अन्न फटकने का सूप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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