फंका/phanka

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फंका  : पुं० [हिं० फाँकना] [स्त्री० अल्पा० फंकी] १. अंजुली या हथेली में लिया हुआ खाद्य पदार्थ (विशेषतः दाने या बुकनी) फाँकने या झटके से मुँह में डालने की क्रिया। २. खाद्य पदार्थ की उतनी मात्रा जितनी एक बार उक्त ढंग से मुँह में डाली जाती हो। क्रि० प्र०—मारना।—लगाना। मुहावरा—(किसी चीज का) फंका करना=नाश करना। नष्ट करना। फंका मारना या लगाना=मुँह में रखकर फाँकना। ३. किसी चीज का छोटा खंड या टुकड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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