फलन/phalan

शब्द का अर्थ खोजें

शब्द का अर्थ

फलन  : पुं० [सं०√फल्+ल्युट्-अन] [भू० कृ० फलित] १. वृक्षों में फल उत्पन्न होना या लगना। २. किसी काम या बात का परिणाम निकलना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
फलना  : अ० [सं० फलन] १. वृक्ष का फलों से युक्त होना। फल लगना। २. स्त्रियों का उत्पत्ति, प्रसव आदि करना। ३. गृहस्थों का संतान आदि से युक्त होना। जैसे—सदाचारी गृहस्थ का फलना फूलना। ४. किसी काम या बात का शुभ फल या परिणाम प्रकट होना। उपयोगी और फलदायक सिद्ध होना। जैसे—नया मकान उन्हें खूब फला है। उदाहरण—इतने पर भी किन्तु न उसका भाग्य फला।—मैथिलीशरण। ५. इच्छा या कामना का पूर्ण होना। सफल मनोरथ होना। पद—फलना-फूलना-(क) धन-धान्य संतान आदि से अच्छी तरह सुखी और युक्त होना। (ख) उपदंश या गरमी नामक रोग के कारण सारे शरीर में छोटे-छोटे घाव होना। परिहास और व्यंग्य) ६. शरीर के किसी भाग पर बहुत से छोटे-छोटे दानों का एक साथ निकल आना जिससे पीड़ा होती है। जैसे—गरमी से सारी कमर (या जीभ) फल गयी है। पुं० [हिं० फाल] संगतराशों की एक तरह की छेनी। (यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
लौटें            मुख पृष्ठ