बदलना/badalana

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बदलना  : अ० [अ० बदल-परिवर्तन+ना (प्रत्यय)] १. किसी चीज या बात का अपना पुराना रूप छोड़कर नया रूप धारण करना। एक दशा या रूप से दूसरी दशा या रूप में आना या होना। जैसे—ऋतु बदलना, रंग बदलना, स्वभाव बदलना। २. किसी चीज, बात या व्यक्ति का स्थान किसी दूसरी चीज बात या व्यक्ति को प्राप्त होना। जैसे—(क) इस महीने कई गाड़ियों का समय बदल गया है। (ख) जिले से कई अधिकारी बदल गये हैं। (ग) कल सभा में हमारा छाता (या जूता) किसी से बदल गया था। ३. आकार-प्रकार गुण-धर्म रूप-रंग आदि के विचार से और अथवा पहले से बिलकुल भिन्न हो जाना। जैसे—(क) इतने दिनों तक पहाड़ पर (याविदेश में) रहने से उसकी शक्ल ही बिलकुल बदल गयी है। संयो० क्रि०—जाना। स० १. जो कुछ पहले से हो या चला आ रहा हो उसे हटाकर उसके स्थान पर कुछ और करना, रखना या लाना। जैसे—(क) कपड़े बदलना अर्थात् पुराने या मैले कपड़े उतारकर नये तथा साफ कपड़े पहनना। २. जो कुछ पहले से हो, उसे छोड़कर उसके स्थान पर दूसरा ग्रहण करना। जैसे—(क) उन्होंने अपना पहले वाला मकान बदल दिया है। (ख) रास्ते में दो जगह गाड़ी बदलनी पड़ती है। ३. अपनी कोई चीज किसी को देकर उसके स्थान पर उससे दूसरी चीज लेना० विनिमय करना। जैसे—हमने दुकानदार से अपनी कलम (या किताब) बदल ली थी। संयो० क्रि० -डालना।—देना।—लेना। ४. किसी के आकार-विकार गुण-धर्म रंग-रूप आदि में कोई तात्त्विक या महत्त्वपूर्ण परिवर्तन करना। जैसे—(क) उन्होंने मकान की मरम्मत क्या करायी है, उसकी शक्ल ही बिलकुल बदल दी है। (ख) विद्रोहियों ने एक ही दिन में देश का सारा सासन बदल दिया। संयो० क्रि०—डालना।—देना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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