बिगाड़/bigaad

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बिगाड़  : पुं० [हिं० बिगड़ना] १. बिगड़ने की क्रिया या भाव। विकार। २. ऐब। खराबी। दोष। ३. पारस्परिक संबंध बिगड़े हुए होने की अवस्था या भाव। दोष। ३. पारस्परिक संबंध बिगड़े होने की अवस्था या भाव। आपस में होनेवाला द्वैष और वैमनस्य। ४. नुकसान। हानि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
बिगाड़ना  : स० [हिं० बिगड़ना का स०] १. ऐसी क्रिया करना जिससे किसी काम, चीज या बात में किसी तरह की खराबी हो। इस प्रकार विकृत करना कि अच्छी या ठीक स्थिति में न रह जाय। जैसे—असावधानी से कोई काम (या यंत्र) बिगाड़ना। २. कोई काम करते समय उसमें दोष या विकार आने देना कि वह अभीष्ट या उपयुक्त रूप में न आ सके। जैसे—(क) दरजी ने तुम्हारा कोट बिगाड़ दिया। (ख) चित्रकार ने यहाँ हरा रंग देकर चित्र बिगाड़ दिया। ३. अच्छी दशा या अवस्था से बुरी दशा या अवस्था में लाना। जैसे—किसी को कुमार्ग पर लाकर उसका घर बिगा़ना। ४. किसी को उचित या नियत मार्ग से हटाकर अनुचित या दूषित मार्ग पर लगाना या ले जाना। जैसे—(क) बुरी आदतें सिखाकर लड़कों को बिगाड़ना। (ख) उलटी सीधी बातें कहकर किसी का मिजाज बिगाड़ना। (ग) डरा-धमका कर किसी का गवाह बिगाड़ना। ५. कुमारी अथवा स्त्री के संबंध में कौमार्य या सत्तीत्व नष्ट करना। ६. रुपए-पैसे के संबंध में व्यर्थ नष्ट या व्यय करना। जैसे—आज मेले में हम भी पाँच रुपए बिगाड़ आये।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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