वहशत/vahashat

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वहशत  : स्त्री० [अ०] १. वहशी अर्थात् जंगली होने की अवस्था या भाव। जंगलीपन। बर्वरता। २. उजड्डपन। ३. पागलपन। बावलापन। ४. अधीरता और विफलता के कारण होनेवाला मानसिक विक्षेप। पागलों का सा आचार-व्यवहार। मुहावरा–वहशत सवार होना=किसी प्रबल मनोवेग के कारण सहसा पागलपन का सा काम करने को उतारू होना। ५. किसी स्थान के उजाड़ या सुनसान होने के कारण छाई रहनेवाली उदासी। खिन्न करनेवाला सन्नाटा। ६. आकार-प्रकार, रूप-रंग आदि का डरावनापन। क्रि० प्र०–छाना।–बरसना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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