विनत/vinat

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विनत  : वि० [सं०] [स्त्री० विनता] १. नीचे की ओर प्रवृत्त। झुका हुआ। २. जिसने किसी के सामने मस्तक या सिर झुका रखा हो। ३. विनीत। नम्र। ४. टेढ़ा। वक्र। ५. सिकुड़ा हुआ। संकुचित। ६. कुबड़ा। कुब्ज। पुं० महादेव। शिव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
विनतड़ी  : स्त्री०=विनति।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
विनता  : स्त्री० [सं० विनत+टाप्] १. दक्ष प्रजापति की एक कन्या जो कश्यप को ब्याही थी और जिसके गर्भ से गरुड़ का जन्म हुआ था। २. एक राक्षसी जिसे रावण ने सीता के पास उसे समझाने-बुझाने के लिए रखा था। ३. व्याधि उत्पन्न करने वाली एक कल्पित राक्षसी। ४. प्रमेह या बहुमूत्र के रोगियों को होनेवाला एक प्रकार का फोड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
विनति  : स्त्री० [सं० वि√नम् (नम्र होना)+क्तिन्] १. विनीत होने की अवस्था, गुण या भाव। २. झुकाव। ३. विनीत भाव से की जाने वाली प्रार्थना। अनुनय-विनय। ४. व्यवहार स्वभाव आदि की नम्रता। ५. दमन। ६. निवारण। रोक। ७. विनियोग।
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विनती  : स्त्री० [सं० विनत+ङीष्]=विनति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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