व्राज/vraaj

शब्द का अर्थ खोजें

शब्द का अर्थ

व्राज  : पुं० [सं०√व्रज+घञ्] १. चलना या जाना। गमन। २. कुत्ता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
व्राजिक  : पुं० [सं०व्रजि+कन्०] एक प्रकार का उपवास जिसमें केवल दूध पर रहा जाता है। (सन्यासी)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
लौटें            मुख पृष्ठ