स्थग/sthag

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शब्द का अर्थ

स्थग  : पुं० [सं०] १. धूर्त। २. ठग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
स्थगन  : पुं० [सं०] [वि० स्थगित] १. छिपाना या ढाँकना। २. सभा की बैठक, बात की सुनवाई अथवा और कोई चलता हुआ काम कुछ समय के लिए रोक रखना। (ऐडजोर्नमेंट) ३. विचार आदि के लिए कुछ समय तक रोकना। (निलंबन)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
स्थगनक प्रस्ताव  : पुं० [सं०] वह प्रस्ताव जो विधायिकी सभाओं आदि में यह कहकर उपस्थित किया जाता है कि और काम छोड़कर पहले इसी पर विचार होगा। (ऐडजोर्नमेंट मोशन)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
स्थगिका  : स्त्री० [सं०] १. पनडब्बा। पानदान। ३. अँगूठे, उँगलियों और लिंगेन्द्रिय के आग्रभाग पर के घाव पर बाँधी जानेवाली (पनडब्बे के आकार की) एक प्रकार की पट्टी। (वैद्यक)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
स्थगित  : भू० कृ० [सं०] १. ढका हुआ। आच्छादित। २. ठहराया या रोका हुआ। ३.जो कुछ समय के लिए रोक दिया गया हो। मिलतवी। (एडजोर्न्ड) ४. छिपा हुआ। गुप्त। ५. बंद किया या रोका हुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
स्थगी  : स्त्री० [सं०] स्थगिका।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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