स्थित–प्रज्ञ/sthit–pragy

शब्द का अर्थ खोजें

शब्द का अर्थ

स्थित–प्रज्ञ  : वि० [सं०] १. जिसकी विवेक-बुद्धि स्थिर हो। २. सब प्रकार के मनों विकारों से रहित या शून्य और सदा आत्मा में ही प्रसन्न तथा संतुष्ट रहनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
लौटें            मुख पृष्ठ