स्वर्णाभ/svarnaabh

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स्वर्णाभ  : वि० [सं०] १. सोने की सी आभा या चमकवाला। २. सोने के रंग का। सुनहला। ३. (प्रतिभूति) जो सब प्रकार से सुरक्षित हो और जिसके डूबने या व्यर्थ होने की कोई आशंका न हो। (गिल्टएज्ड) पुं० हरताल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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